मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल नई सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हम ऐसा अर्बन रोड इकोसिस्टम विकसित कर रहे हैं, जो पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक हो. बढ़ते ट्रैफिक, वायु प्रदूषण और जलभराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अब सड़कों का रखरखाव पारंपरिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और डेटा-आधारित प्रणाली से किया जाएगा. बढ़ते शहरीकरण, ट्रैफिक लोड, वायु प्रदूषण और जलभराव जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब सड़कों की योजना और रखरखाव को पारंपरिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि वैज्ञानिक एवं डेटा आधारित प्रणाली से संचालित करना समय की आवश्यकता है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़कों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल शुरू की है.
इसी के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) और स्कूल ऑफ प्लानिंग ऐंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौते (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट-एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए. इस पहल के अंतर्गत दिल्ली की शहरी सड़कों के सौंदर्यीकरण, वैज्ञानिक पुनर्रचना और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क फॉर पेविंग ऐंड ग्रीनिंग ऑफ अर्बन रोड’ लागू किया जाएगा.


