मुख्यमंत्री ने मेरठ जोन की तैयारियों और कार्ययोजना को प्रदेश के अन्य सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान और प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा अब प्रदेश के किसी एक हिस्से तक सीमित आयोजन नहीं रह गई है। रुहेलखंड, ब्रज, बुंदेलखंड, अवध, पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं। ऐसे में प्रत्येक जनपद में व्यवस्थाओं का स्तर समान होना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखे, शिविर संचालकों का सत्यापन समय से पूरा करे और सभी तैयारियों की अग्रिम समीक्षा कर किसी भी प्रकार की कमी को पहले ही दूर कर लिया जाए। कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन सुनिश्चित कराने के लिए हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा वहां के कांवड़ संघों से भी नियमित संवाद रखा जाए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से संवाद करते हुए उन्होंने श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, चेहल्लुम, स्वतंत्रता दिवस, बरावफात और रक्षाबंधन को लेकर कानून व्यवस्था, सुरक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, यातायात, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव, गृह ने तैयारियों की जानकारी दी, जबकि मंडलायुक्त मेरठ और एडीजी जोन मेरठ ने कांवड़ यात्रा प्रबंधन का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

