इस आदेश को जारी करते हुए बताया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने एहतियाती फैसला लिया है। बता दे कि मुम्बई पुलिस की तरफ से यह पाबंदी लंबे समय से जारी है, जिसे समय-समय पर इन पाबंदी को रिव्यू किया जाता है और बढ़ाया जाता है।
इन मामलों में दी गई छूट
- शादी-ब्याह और उससे जुड़े कार्यक्रम।
- अंतिम संस्कार के लिए जुटना और श्मशान/कब्रिस्तान तक जुलूस निकालना।
- कंपनियों, क्लबों, सहकारी सोसायटियों, दूसरी सोसायटियों और संगठनों की कानूनी तौर पर जरूरी बैठकें।
- क्लबों, सहकारी सोसायटियों, दूसरी सोसायटियों और संगठनों की आम कामकाज से जुड़ी बैठकें और लोगों का जुटना।
- फिल्में, नाटक या परफ़ॉर्मेंस देखने के लिए सिनेमा हॉल, थिएटर या मनोरंजन की किसी भी सार्वजनिक जगह पर या उसके आस-पास लोगों का जुटना।
- सरकारी या अर्ध-सरकारी कामकाज के लिए अदालतों और सरकारी या स्थानीय निकायों के दफ़्तरों में या उनके आस-पास लोगों का जुटना।
- पढ़ाई-लिखाई से जुड़े कामों के लिए स्कूलों, कॉलेजों और दूसरे शिक्षण संस्थानों में या उनके आस-पास लोगों का जुटना।
- आम व्यापार, कारोबार और कामकाज के लिए फैक्टरियों, दुकानों और संस्थानों में लोगों का जुटना।
- ऐसी दूसरी सभाएं और जुलूस जिनकी इजाजत बृहन्मुंबई के जोनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और उनके सुपरवाइजरी अफ़सरों ने दी हो।मुंबई में 23 जुलाई से 6 अगस्त तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस आदेश के मुताबिक 5 या इससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लागू रहेगी। इसके अलावा इस अवधि के दौरान धरना, प्रदर्शन, मोर्चा और जुलूस पर प्रतिबंध लागू रहेगा। वहीं लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी रोक रहेगी।

