केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर संसद के मॉनसून सत्र में बाधा डालने के लिए छात्रों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने ‘X’पर एक पोस्ट शेयर करके आरोप लगाया कि पीएम मोदी के आवास के बाहर गांधी के धरने में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई और इससे आम लोगों को परेशानी हुई. शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि सरकार NEET और परीक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर व्यापक चर्चा करने के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस के बदले राजनीतिक तमाशा चुना.
प्रधान ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है. उन्होंने कहा कि वह संसद में NEET और छात्रों की सभी जायज चिंताओं पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि छात्र अराजकता के बदले निश्चितता, नारों के बदले समाधान और बाधा के बदले जिम्मेदारी के हकदार हैं. उन्होंने सरकार के सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध होने की बात भी कही .

