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Wed. Aug 5th, 2026
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दिल्ली पुलिस की साइबर थाना साउथ-वेस्ट जिला टीम ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को नामी इंश्योरेंस कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे. इसके लिए वे व्हाट्सएप कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते थे. आरोपी लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी समाप्त होने वाली है और यदि समय रहते रिन्यूअल नहीं कराया गया तो उन्हें भारी नुकसान हो सकता है. इसी बहाने वे पीड़ितों से रिन्यूअल फीस के नाम पर रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे.दिल्ली में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अब दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर लोगों को अपना शिकार बना रहा था. इस गिरोह ने एक वरिष्ठ नागरिक से करीब 4 लाख रुपये की ठगी की थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और कई डिजिटल सबूत बरामद किए हैं.

ठगी को असली दिखाने के लिए आरोपी पीड़ितों को फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी और नकली दस्तावेज भी भेजते थे. पहली नजर में ये दस्तावेज बिल्कुल असली दिखाई देते थे, जिससे लोगों को लंबे समय तक ठगी का पता नहीं चल पाता था. मामले का खुलासा तब हुआ जब एक वरिष्ठ नागरिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उससे इंश्योरेंस रिन्यूअल के नाम पर करीब 4 लाख रुपये की ठगी की गई है. शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण किया.

जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले. डिजिटल साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और फिर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांधी नगर निवासी सुनील कुमार रावत, राहुल, सोनू और शिवम उर्फ मोनू के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि ये सभी मिलकर एक संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे और कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं.

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