अभी हाल ही में रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने समाजवादी पार्टी नेता आज़म खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को गिराने का आदेश दिया है। प्राधिकरण ने पाया कि ये इमारतें बिना मंज़ूर बिल्डिंग प्लान के बनाई गई थीं। यह आदेश उत्तर प्रदेश शहरी योजना और विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत सुनवाई और रिकॉर्ड की जांच के बाद जारी किया गया। सुनवाई के दौरान प्राधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि ये निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश शहरी योजना और विकास अधिनियम का उल्लंघन करते हैं और इसलिए इन्हें गिराया जाना चाहिए। आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी में 38 इमारतों को बिना मैप पास करवाए ही बनाया गया।
इंडिया टीवी से बातचीत में मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि मैं दिल्ली से रामपुर जा रहा हूं। लोगों से आज भी मेरी बात हुई। हिंदू और मुसलमान दोनों जौहर यूनिवर्सिटी को बचाएंगे। यूनिवर्सिटी बच्चों का भविष्य है। हम उसे कुछ नहीं होने देंगे। सपा सांसद ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में बहुत सारे बच्चे पढ़ते हैं। यहां सभी धर्म और वर्ग से बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने यूनिवर्सिटी गिराने के आदेश को लेकर सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधा है। आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन की तलवार लटक रही है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस दिया है कि वे 38 बिल्डिंग को 15 दिन के अंदर गिरा दें, अन्यथा प्रशासन कानूनी करेगा। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रामपुर से सपा सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने शुक्रवार को कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी से ध्यान हटाने के लिए जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाया गया है।


