ओवैसी ने साफ शब्दों में कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा सिर्फ एक इमारत या संस्थान का नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से मुसलमानों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘अगर आप एक चलती हुई यूनिवर्सिटी को खत्म करना चाहते हैं, तो इसका सीधा सा मतलब यही है कि आप नहीं चाहते कि मुसलमान शिक्षित हों. यह कार्रवाई सीधे तौर पर मुसलमानों की तालीम पर हमला है.एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इसे सीधे तौर पर मुसलमानों की शिक्षा से जोड़ दिया है. सहारनपुर पहुंचे ओवैसी ने यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए.ओवैसी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में इस वक्त करीब 3,000 छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई कर रहे हैं. यदि इन इमारतों को तोड़ा जाता है, तो उन हजारों छात्रों का भविष्य रातों-रात अंधकार में चला जाएगा. उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि यदि निर्माण में किसी तरह की कोई कानूनी या प्रशासनिक दिक्कत है, तो उसे नियमित (Regularize) किया जा सकता है, लेकिन किसी भी कीमत पर छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए.


