भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शन पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने विपक्ष के तौर-तरीकों की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को इस तरह से झुकाया नहीं जा सकता। कंगना ने साफ शब्दों में कहा कि विपक्ष सरकार को इस बात के लिए मजबूर या ब्लैकमेल नहीं कर सकता कि किसे पद पर बनाए रखना है और किसे हटाना है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार के पास यह तय करने का पूरा अधिकार है कि शासन व्यवस्था कैसे चलाई जाए। विपक्ष की मांग पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें सरकार चलाने का इतना ही शौक है, तो उन्हें खुद चुनाव लड़कर सत्ता में आना चाहिए।विपक्ष नीट परीक्षा विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है, जिसके विरोध में विपक्षी गठबंधन की ओर से लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी गतिरोध पर बोलते हुए कंगना रनौत ने कहा कि संसद देश और जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा और बहस करने का सबसे सही मंच है। संसदीय सत्र का मुख्य उद्देश्य ही यही होता है कि विपक्ष जनहित के सवाल उठाए और सरकार को हर विषय पर जवाबदेह बनाए। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष भी यही चाहता है कि सत्र सुचारू रूप से चले और विपक्ष अपने सभी सवाल सदन के भीतर उठाए। लेकिन चर्चा करने के बजाय संसद परिसर और सदन के भीतर हंगामा खड़ा करना और अराजकता का माहौल बनाना किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता।

