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साल 2014 में सक्रिय राजनीति में कदम रखने के बाद के अपने अनुभवों को साझा करते हुए परेश रावल ने स्वीकार किया कि इस क्षेत्र की जमीनी हकीकत उनकी कल्पना से बिल्कुल जुदा थी। उन्होंने बताया कि काम के अत्यधिक दबाव, लगातार यात्राओं और जिम्मेदारियों ने उनके स्वास्थ्य पर भी असर डालना शुरू कर दिया था। अभिनेता ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, ‘साल 2014 में जब मैं राजनीति में आया, उसके बाद मेरी मुश्किलें शुरू हुईं। मुझे ब्लड प्रेशर की समस्या तो पहले से थी, लेकिन राजनीति में आने के बाद मुझे रोजाना तीन गोलियां लेनी शुरू करनी पड़ीं, क्योंकि वहां काम बहुत ज्यादा करना पड़ता है। राजनीति में आने से पहले हमारा यह भ्रम था कि नेता आराम से एयर-कंडीशनर कमरों में मसनद लगाकर बैठते होंगे, लोग उनके पैर दबाते होंगे और वे आराम से काजू-किशमिश खाते होंगे, लेकिन जब मैं वहां पहुंचा तो हकीकत का पता चला। वे इतना काम कराते हैं कि इंसान दौड़ते-भागते थक जाता है।अभिनेता परेश रावल ने राजनीति में अपने छोटे से सफर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने खुलासा किया कि राजनीति से दूरी उन्होंने क्यों बना ली। एक्टर ने माना कि जनसेवा की मांग और राजनीति के प्रति पूरी तरह समर्पित न हो पाने के कारण आखिरकार उन्होंने राजनीति को अलविदा कह दिया। एक हालिया पॉडकास्ट में बातचीत करते हुए अभिनेता ने कहा कि राजनीति में शत-प्रतिशत निष्ठा की आवश्यकता होती है, जो वे अपने अभिनय करियर को जारी रखते हुए नहीं दे पा रहे थे। इसलिए उन्होंने अभिनय की दुनिया में ही बने रहने का फैसला किया।

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