पुणे:पत्रकारों से बात करते हुए शरद पवार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि वे स्थिति को बिगड़ने देने के बजाय छात्रों से बातचीत करें। उन्होंने कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उनसे बातचीत करने का अनुरोध किया, क्योंकि लोकतंत्र में संवाद जरूरी है। अगर बातचीत नहीं होती है, तो इसके बुरे नतीजे निकलते हैं। मैंने आग्रह किया था कि चर्चा तुरंत शुरू होनी चाहिए। या तो इस्तीफा स्वीकार किया जाना चाहिए, या छात्रों की चिंताओं को सुना जाना चाहिए।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनसे नीट यूजी पेपर लीक विवाद पर बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से अपील की थी कि वे या तो धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करें या विरोध कर रहे छात्रों की चिंताओं का समाधान करें। शरद पवार का ये बयान धर्मेद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद आया है। जो परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कई दिनों तक चले देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ था।शरद पवार ने आगे कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि केंद्र छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने के लिए सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया कि केंद्रीय मंत्रियों ने छात्रों से कहा है कि वे बातचीत करने को तैयार हैं। मेरा मानना है कि यह नतीजा उसी बातचीत का परिणाम है। प्रधान ने नीट यूजी पेपर लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। इसके कारण देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए सीबीआई जांच हुई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांगें उठीं।

