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पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में कई लोगों की जान लेने वाली ज़हरीली शराब की त्रासदी के बाद एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे पुलिस प्रशासन ने हड़पसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय मोगले, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर हसीना सिकलगर और पुलिस सब-इंस्पेक्टर हसन मुलानी शामिल हैं। यह कार्रवाई तब की गई जब अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में गैर-कानूनी और ज़हरीली देसी शराब के धंधे पर असरदार तरीके से रोक लगाने में नाकामी और सुपरविज़न में गंभीर खामियां मिलीं।

सस्पेंशन ऑर्डर के मुताबिक, हड़पसर पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 379/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र प्रोहिबिशन एक्ट, 1949 की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कथित तौर पर ज़हरीली चीज़ें मिलाकर नकली देसी शराब बनाई और उसे बेचा, जिससे कई मौतें हुईं और कई नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई।महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी चिंचवड में नकली जहरीली शराब पीने से कुल मिलाकर अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 9 पिंपरी चिंचवड के और 5 पुणे के हड़पसर इलाके के है। पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने जहरीली शराब से मौत मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े जो नकली शराब बनाता था। पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने कर्नल सिंह विरखा उसके बेटे गुरु मंगल सिंह को भी नकली शराब की खेप बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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