नेतन्याहू ने साफ कहा कि उन्होंने अपने कैबिनेट को निर्देश दिया है कि लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधी बातचीत शुरू की जाए। उन्होंने बताया कि इन वार्ताओं का मुख्य मुद्दा हिज्बुल्ला को निरस्त्र करना और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना होगा। यह बयान संकेत देता है कि इस्राइल अब कूटनीतिक रास्ता अपनाने की कोशिश कर रहा है।पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब शांति की उम्मीद की एक नई किरण दिखाई दी है। इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश लेबनान के साथ सीधे शांति वार्ता के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में दोनों पक्षों के बीच हिंसक घटनाएं हुई थीं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए थे।यह बयान दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा बदलाव ला सकता है। इस्राइल और लेबनान तकनीकी रूप से अब भी युद्ध की स्थिति में हैं। ऐसे में सीधे शांति वार्ता की पहल एक अहम कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में तनाव कम कर सकता है।


