पटना: तेजस्वी ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार TRE 4 परीक्षा अगस्त 2024 में ही हो जानी चाहिए थी, लेकिन चुनाव आयोग, तंत्र और 10 हजरिया की बदौलत सत्ता हासिल करने वाली भाजपा-जदयू सरकार युवाओं की जरूरतों को समझने में विफल रही। बाद में वर्ष 2025 के अक्टूबर में परीक्षा कराने की बात कही गई, ताकि चुनावी आचार संहिता लागू होते ही परीक्षा टल जाए और ऐसा ही हुआ। चुनाव हो गए, सरकार बन गई, कई महीने बीत गए, लेकिन आज भी शिक्षक अभ्यर्थी इंतजार कर रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनावी वर्ष 2025 में वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं से वादा किया था कि बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों की गणना कर जल्द ही TRE-4 परीक्षा आयोजित की जाएगी। आज उस घोषणा को लगभग एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक TRE-4 की वैकेंसी तक जारी नहीं की गई है।तेजस्वी यादव ने शिक्षक अभ्यर्थियों के मुद्दे पर नीतीश सरकार को घेरने की कोशिश की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 17 महीनों की महागठबंधन सरकार में मेरी विशेष पहल पर शिक्षा विभाग को राजद कोटे में लेकर सर्वप्रथम युद्ध स्तर पर TRE-1 और TRE-2 के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा के भीतर, बिना किसी पेपर लीक के, पूर्ण पारदर्शिता के साथ रिकॉर्ड 2,20,000 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देकर ज्वाइनिंग कराई गई। हमने TRE-3 की नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रारंभ कराई, लेकिन जनवरी 2024 में हमारी सरकार के हटते ही पेपर लीक के कारण TRE-3 को रद्द कर दिया गया और बाद में यह परीक्षा भी विलंब से आयोजित हुई।


