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कानपुर के नवाबगंज थाना क्षेत्र में हुए चर्चित कोचिंग संचालक हत्याकांड का पुलिस ने महज चार दिनों में खुलासा करते हुए एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि मृतक के 15 साल पुराने करीबी दोस्त ने की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सिर्फ सोने के ब्रेसलेट और अन्य कीमती सामान हड़पने के लिए अपने मित्र की हत्या की पूरी योजना बनाई थी।

पुलिस के मुताबिक, मृतक प्रकाश चंद्र गुप्ता नवाबगंज क्षेत्र में कोचिंग संस्थान का संचालन करते थे। बीती 31 मई की रात उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और पुलिस के सामने यह एक ब्लाइंड मर्डर केस बनकर उभरा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट की कई विशेष टीमों को जांच में लगाया गया। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मोहित द्विवेदी मृतक का करीब 15 साल पुराना मित्र था। उसने लगभग 15 दिन पहले ही हत्या की साजिश रचनी शुरू कर दी थी।आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले इलाके की रेकी की, CCTV कैमरों की लोकेशन का अध्ययन किया और पुलिस को भ्रमित करने के लिए महिला का भेष धारण करने की योजना बनाई। इसके लिए उसने बुर्का, महिला चप्पल, दस्ताने और अन्य सामान खरीदा। 31 मई की रात वह IPL फाइनल मैच देखने के बहाने कोचिंग संस्थान में ही रुक गया। देर रात जब प्रकाश चंद्र गुप्ता अकेले थे, तब आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने मृतक के सोने के ब्रेसलेट और अन्य सामान पर हाथ साफ किया और फरार हो गया।पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने वारदात के बाद अलग-अलग रास्तों और ऑटो का इस्तेमाल किया, ताकि जांच की दिशा किसी महिला की ओर मुड़ जाए। लेकिन पुलिस टीमों ने हार नहीं मानी। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और लगातार की गई पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।

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