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अधिवक्ताओं ने सीएम योगी का जताया आभार-यूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% बढ़ी -
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अधिवक्ताओं ने सीएम योगी का जताया आभार-यूपी में सरकारी वकीलों की फीस 50% बढ़ी

अधिवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायालयों में राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने की आवश्यकता को समझते हुए इस विषय पर पहल की और अब उनके नेतृत्व में प्रदेश मंत्रिमंडल ने रिटेनरशिप एवं बहस फीस में ऐतिहासिक वृद्धि का निर्णय लेकर अधिवक्ता समुदाय की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षा को पूरा किया है। यह निर्णय केवल फीस वृद्धि का विषय नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक सक्षम और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न्यायालयों में राज्य सरकार के मामलों की गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध पैरवी को और बल मिलेगा।यूपी सरकार द्वारा विभिन्न न्यायालयों में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप एवं बहस फीस में वृद्धि किए जाने के निर्णय का अधिवक्ता समुदाय ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। राज्य के महाधिवक्ताओं ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया है।

अधिवक्ताओं ने कहा कि जनपद न्यायालयों में कार्यरत जिला शासकीय अधिवक्ता, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता, उप जिला शासकीय अधिवक्ता, नामित अधिवक्ता, विशेष अधिवक्ता एवं न्याय मित्रों से लेकर हाई कोर्ट इलाहाबाद, हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ और सुप्रीम कोर्ट में राज्य का पक्ष रखने वाले महाधिवक्ता, अपर महाधिवक्ता, मुख्य स्थायी अधिवक्ता, स्थायी अधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता, ब्रीफ होल्डर, एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड और विभिन्न श्रेणी के पैनल अधिवक्ताओं तक इस निर्णय का व्यापक लाभ पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि बदलते न्यायिक परिदृश्य, मुकदमों की बढ़ती संख्या, जटिल विधिक विषयों तथा अधिवक्ताओं की बढ़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए पारिश्रमिक संरचना के पुनरीक्षण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। विशेष रूप से जनपद न्यायालयों के अधिवक्ताओं की फीस में लगभग 10 वर्ष तथा महाधिवक्ता स्तर पर लगभग 14 वर्ष बाद संशोधन किया जाना प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता को दर्शाता है।

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