मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह स्पष्ट किया कि अब तक प्रवासी परिवारों को राहत पाने के लिए आय संबंधी पात्रता की जटिल शर्तों का सामना करना पड़ता था. सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इन शर्तों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है. अब परिवार की वार्षिक आय कितनी है या उनके पास कोई अचल संपत्ति है या नहीं, इसका लाभ की पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस निर्णय से उन हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जो अब तक इन तकनीकी बाधाओं के कारण लाभ से वंचित थे.दिल्ली में रह रहें जम्मू-कश्मीर के विस्थापित परिवारों के लिए दिल्ली सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और राहत भरी घोषणा की है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा कर दिया है. उन्होंने एड-हॉक मंथली रिलीफ (एएमआर) योजना में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है, जिससे करीब 1,832 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा.सरकारी रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाने और लाभार्थियों की सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने वन टाइम एमनेस्टी योजना शुरू करने का ऐलान किया. प्रवासी परिवार अब अपने परिवार के सदस्यों का विवरण और आधार संबंधी जानकारी को अपडेट कर सकेंगे. अगर अतीत में तकनीकी खामी या अनजाने में किसी परिवार को निर्धारित राशि से अधिक राहत मिल गई थी, तो सरकार अब वह पैसा वापस नहीं लेगी. इस पहल का मुख्य लक्ष्य सरकारी फाइलों में दर्ज त्रुटियों को सुधारना है, ताकि भविष्य में सहायता राशि सीधे और बिना किसी रुकावट के पात्र परिवारों तक पहुंच सके.


