मामला श्यामनगर के ई-ब्लॉक का है, जहां प्रिंटिंग प्रेस कारोबारी राजेन्द्र दधिचि के घर शनिवार दोपहर करीब दो बजे बुर्का पहने दो युवक जबरन घर में घुस गए। उस समय घर में कारोबारी की 60 वर्षीय पत्नी राधा और बहू शैली मौजूद थीं। आरोपियों ने दोनों महिलाओं के साथ मारपीट की और लोहे की रॉड से हमला करने का प्रयास किया। हालांकि दोनों महिलाओं ने साहस का परिचय देते हुए मुकाबला किया और दोनों संदिग्धों को घर के अंदर ही पकड़ लिया।कानपुर के श्यामनगर इलाके में दिनदहाड़े कारोबारी के घर लूट की कोशिश के मामले में पुलिस जांच के दौरान ऐसा खुलासा हुआ, जिसने सभी को चौंका दिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पूरी वारदात की साजिश एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी। आरोप है कि युवती ने अपनी आर्थिक तंगी और बैंक लोन के दबाव से छुटकारा पाने के लिए अपने ही ताऊ के घर को निशाना बनाया। उसने पहले घर की पूरी रेकी की और फिर पहचान छिपाने के लिए अपने प्रेमी और उसके नाबालिग भाई को बुर्का पहनाकर वारदात के लिए भेज दिया।महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंच गए। भीड़ ने दोनों युवकों को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलने पर श्यामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने अपनी पहचान 21 वर्षीय प्रांजल सिंह उर्फ वरुण सिंह के रूप में बताई। उसके साथ पकड़ा गया दूसरा आरोपी उसका 17 वर्षीय नाबालिग भाई निकला। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दोनों युवक बीएससी और इंटर के छात्र हैं। पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि यह पूरी योजना कारोबारी की भतीजी श्यामिका के कहने पर बनाई गई थी।
पुलिस के अनुसार प्रांजल और श्यामिका पहले एक-दूसरे को जानते थे। कुछ समय पहले प्रांजल युवती के घर किराये पर रहता था, वहीं दोनों की दोस्ती हुई और बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसी दौरान दोनों ने फास्ट फूड का कारोबार शुरू करने के लिए बैंक से लोन लिया था। कारोबार सफल नहीं हुआ और आर्थिक संकट गहराने लगा। जांच में सामने आया कि श्यामिका की मां ने भी करीब पांच लाख रुपये का बैंक लोन लिया था, जिसमें प्रांजल गारंटर बना था। किश्तें समय पर जमा न होने के कारण डिफॉल्टर होने का खतरा बढ़ गया। आरोप है कि इसी परेशानी से निकलने के लिए युवती ने अपने प्रेमी को ताऊ के घर लूट की योजना बनाने के लिए तैयार किया। उसने घर की गतिविधियों की जानकारी दी और पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने की सलाह भी दी।पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। मुख्य आरोपी प्रांजल और युवती को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर सभी पहलुओं की जांच जारी है और युवती की भूमिका से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

