मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास संबंधित जनप्रतिनिधियों के कर कमलों से ही कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभागीय कमियों अथवा ठेकेदारों की गलतियों का दायित्व जनप्रतिनिधियों का नहीं है। विकास कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय में कार्यों को पूर्ण कराना विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कनेक्टिविटी और मजबूत अवस्थापना किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की जीवनरेखा होती है। सड़क, पुल और संपर्क मार्ग केवल आवागमन के साधन नहीं होते, बल्कि वे व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास को गति देने का माध्यम भी बनते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्ताव तैयार करते समय “पिक एंड चूज” की प्रवृत्ति से बचा जाए और हर क्षेत्र की आवश्यकता को समान महत्व दिया जाए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, मंत्री एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में मानक, गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास प्रस्ताव तैयार कर एक सप्ताह के अंदर भेजा जाए, जून के प्रथम सप्ताह में कार्ययोजना को शासन से स्वीकृति मिल जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर अंतिम रूप दें।


