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पीएम मोदी ने कहा कि इतने लंबे समय तक ‘भारत माता’ की सेवा करना और उनकी सेवा करने का सौभाग्य मिलना, केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव है। और मेरे लिए, जनता ही ईश्वर का रूप है, इसलिए मैंने हमेशा इस सेवा को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में देखा है। यह आध्यात्मिक साधना कभी भी अकेले नहीं रही; यह एक सामूहिक ‘यज्ञ’ है, जिसमें आप सभी और कई अन्य सहयोगियों ने कर्तव्य की भावना के साथ अपना योगदान दिया है।पीएम नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का रिकॉर्ड बना लिया। इस मौके पर पीएम मोदी भारत मंडपम से अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि आपने इस अवसर पर मुझे सम्मानित किया, इतना मान दिया, इसके लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं।पीएम मोदी ने कहा, भारत की जनता का नीर-क्षीर विवेक हमेशा अद्भूत रहा है। देश की जनता ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक स्थिरता का महत्व समझा है। ये जनता जर्नादन की परिपवक्ता ही है कि मुझे लंबे समय तक इस पद पर रखा है। अब देश की जनता एक स्थिर सरकार का काम भी देख रही है। जनता जर्नादन का आभार व्यक्त करता हूं। साल 2014 में जब NDA की जीत हुई थी तब मैंने कहा था कि आज देश के सामान्य मानवी में एक नई आशा का उदय हुआ है। इस आशा का संरक्षण हम सभी का बड़ा दायित्व था। देश के लोगों ने कांग्रस के विश्वासघात के बाद अपना भरोसा हमे सौंपा था।

उन्होंने कहा, आज देश का हर नागरिक विकसित भारत के सपने से भरा हुआ है। ये देश के जन-जन का सपना और संकल्प बन चुका है। NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता ये भी है कि देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद है। कांग्रेस ने देश को लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना के गर्त में गिरा दिया था। देश को यही एहसास कराया जाता था कि भारत में विकास धीरे-धीरे ही होता है, भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है और बड़ी ही चतुराई से धीमी विकास को एक नाम दिया था-  हिंदू ग्रोथ रेट। जबकि असल में इस कुसंस्कृति का नाम होना चाहिए था- कांग्रेस ग्रोथ रेट।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पहली बार जब अटल जी के नेतृत्व में NDA सरकार आई, तब जाकर हमें एक झलक दिखी कि विकास में गति कैसे आती है, लेकिन दुर्भाग्य से 2004 में देश फिर से अस्थिरता के बवंडर में और कांग्रेस के शिकंजे में फंस गया। विकास तो दूर की बात है, देश को कांग्रेस ने एक के बाद एक हजारों करोड़ों रुपये के घोटालों में घसीट दिया। देश का भाग्य फिर तब बदला जब 2014 में NDA की सरकार बनी। देश ने देखा कि जब नीयत, नीति और निर्णय तीनों एक साथ काम करते हैं, तो विकास की गति कैसी होती है।

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