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Wed. Jul 8th, 2026
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पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान धीरज मिश्रा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसके पिता लंबे समय से शराब, स्मैक और नशीले इंजेक्शन के आदी थे। नशे की वजह से उन्होंने परिवार की अधिकांश संपत्ति बेच दी थी और आए दिन घर व गांव में झगड़ा करते थे। कई बार समझाने के बावजूद उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।बरेली के भुता थाना क्षेत्र में एक हत्या की गुत्थी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। जिस बेटे ने अपने पिता की हत्या का आरोप गांव के तीन लोगों पर लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, वही जांच पूरी होने पर अपने पिता का कातिल निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।यह मामला सहजनपुर हेतराम गांव का है। 25 मई 2025 को कृष्ण कुमार मिश्रा की संदिग्ध मौत की सूचना पुलिस को मिली थी। शुरुआती कार्रवाई के तहत शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद मृतक के परिवार की ओर से गांव के तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को कई अहम तथ्य मिले। जांच में पता चला कि जिन तीन लोगों को नामजद किया गया था, वे घटना के समय गांव में मौजूद ही नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों और अन्य गवाहों से दोबारा पूछताछ की, जिसमें शक की सुई मृतक के बेटे धीरज मिश्रा की ओर घूम गई।

धीरज के मुताबिक, 24-25 मई की रात उसके पिता नशे की हालत में गाली-गलौज कर रहे थे। इसी दौरान उसे इतना गुस्सा आया कि घर में रखा एक मोटा डंडा उनके गले पर रखकर जोर से दबा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।हत्या के बाद खुद को बचाने के लिए धीरज ने पूरी साजिश रची। उसने पुलिस को झूठी तहरीर देकर उन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया, जो उसके पिता के साथ नशा किया करते थे। लेकिन पुलिस की गहन जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने उसकी कहानी की परतें खोल दीं।

CO ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर सच्चाई सामने आई। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी धीरज मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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