पुलिस के अनुसार, आरोपी असली कंपनी के दूध के पैकेटों से दूध निकालकर उसमें गंदा पानी मिलाता था। इसके बाद आग की सहायता से पैकेटों को दोबारा सील कर उन्हें असली उत्पाद बताकर बाजार में बेचता था। पुलिस का कहना है कि यह मिलावटी दूध लोगों, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और खाद्य सुरक्षा से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-12 कर रही है। यह पूरी कार्रवाई मुंबई पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की गई। गिरफ्तार आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और मामले की जांच जारी है।मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-12 ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और बृहन्मुंबई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई की। इसके तहत दहिसर (पूर्व) इलाके में मिलावटी दूध बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। गुप्त सूचना के आधार पर अधिकारियों ने दहिसर (पूर्व) स्थित राजेश कंपाउंड के पास दुबे चॉल नंबर-2 के कमरा बी-3 पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 470 लीटर दूध बरामद किया गया, जिसे कथित तौर पर अमूल ताजा, अमूल गोल्ड, अमूल बफेलो और गोकुल जैसे नामी ब्रांडों के असली पैकेटों से निकालकर मिलावटी बनाया गया था। इसके अलावा 327 नकली/खाली ब्रांडेड दूध के पैकेट, पैकेटों से छेड़छाड़ कर दोबारा सील करने वाले उपकरण तथा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत लगभग 39,750 रुपये बताई गई है। वहीं लगभग 29,750 रुपये मूल्य का मिलावटी दूध मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।


