लगातार हो रही बारिश के चलते फिर से नालासोपारा स्टेशन के ट्रैक पर पानी भर गया और सर्विस बंद कर दी गई। नतीजन सुबह के समय जो लोग दफ्तर या किसी काम के लिए चर्चगेट की तरफ आए थे, उनका वापस लौटना दुर्भर हो गया। लोग धीरे -धीरे लोग चर्चगेट से वसई तो पहुंच रहे थे, लेकिन उसके आगे पहुंचाना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ। इस वजह से कुछ लोगों को पत्री पर पानी के बीच चलकर, घर लौटना पड़ा। हालांकि इस दौरान थ्रू लाइन चालू रही, जिस पर से एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जा रही थी। इसलिए लंबी दूरी की ट्रेनों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।मंगलवार का दिन भी पश्चिम रेलवे के यात्रियों के लिए असुविधाजनक साबित हुआ। सुबह के सत्र में पश्चिम रेलवे द्वारा कुछ ट्रेनें चलाई गई, जो की काफी लेट रही, ज्यादा असर फास्ट सर्विस पर पड़ा। लेकिन उसके बाद शाम 4:30 बजे वसई और विरार के बीच लोकल सेवा फिर से बंद कर दी गई, क्योंकि पानी का स्तर बढ़ने की वजह से सर्विस चलाना सुरक्षित नहीं था। खबर लिखे जाने तक सर्विस नहीं शुरू हो सकी थी।मंगलवार को वसई – विरार सेक्शन को देखने के लिए पश्चिम रेलवे के जीएम रामाश्रय पाण्डेय ने सेक्शन का दौरा किया। दौरे के दौरान उन्होंने वसई-विरार सेक्शन में ट्रैक को ऊपर उठाने के लिए सर्वे करने का फ़ैसला किया। जिसमें दो लाइनों को ऊपर उठाने और आने वाले MRVC 5वीं और 6वीं लाइन के काम में सही लेवल पक्का करने पर ज़ोर दिया गया ताकि भविष्य में आई घटना न हो


