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तमिलनाडु, असम, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) जैसे प्रमुख सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों के लिए भी अहम होंगे। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती के साथ शुरू होगी, जिसके लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था वाले मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पहली बार ईसीआईएनईटी के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है। पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीट के लिए 77 केंद्रों पर मतों की गिनती की जाएगी, जहां इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतगणना दिवस से पहले राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ने वोट में हेरफेर की आशंका व्यक्त की है। राज्य में दो चरणों का चुनाव 29 अप्रैल को समाप्त हुआ, जिसमें स्वतंत्रता के बाद से अब तक का सबसे अधिक 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने इस वर्ष मतगणना केंद्रों की संख्या पहले घोषित 87 से घटाकर 77 कर दी है, जबकि 2021 में यह संख्या 108 थी। इसके साथ ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी लागू की गई है। चुनाव आयोग ने 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। मतगणना केंद्रों पर सख्त नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं, जिनमें रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को छोड़कर सभी के लिए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध शामिल है।

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