Breaking
Mon. Aug 17th, 2026

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने हज कमेटी की ओर से जारी उस नए आदेश की आलोचना की है, जिसमें आजमीन से अतिरिक्त दस हजार रुपये लेने की बात कही गई है. ओवैसी ने इस आदेश को वापस लेने और जिन लोगों से पहले ही पैसे लिए जा चुके हैं, उन्हें वापस लौटाने की मांग की है.

असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुद्दे पर कहा कि हज यात्री आमतौर पर अमीर नहीं होते, बल्कि वे इस मुकद्दस सफर के लिए सालों तक बचत करते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हज कमेटी के जरिये जाने वाले आजमीन को ही अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा. उन्होंने इसे गैर-मुनानिस और शोषण करार दिया.

अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह कोई विलासिता की यात्रा नहीं है, बल्कि एक धार्मिक कर्तव्य है. इसलिए इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए और पहले से लिए गए अतिरिक्त पैसे भी लौटाए जाने चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से हजारों आजमीन पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ रहा है और सरकार को इस पर फौरन दोबारा विचार करना चाहिए. साथ ही उन्होंने संबंधित मंत्रियों से अपील की कि इस आदेश को तुरंत रद्द किया जाए. हज कमेटी की ओर से 28 अप्रैल को जारी आदेश के मुताबिक, हर आजमीन को हज के लिए अतिरिक्त दस हजार रुपये या 100 अमेरिकी डॉलर 15 मई तक जमा करने होंगे. यह रकम सभी आजमीन पर लागू किया गया है, चाहे वे किसी भी स्थान से सफर शुरू कर रहे हों. आदेश में कहा गया है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से हवाई किराए में इजाफा हो गया है, जिसके चलते यह अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है.

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *