मायावती ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया एक्स पर दी है। उन्होंने एक लंबे पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ पर पहले भी लिए गए एक्शन का जिक्र किया है। मायावती ने लिखा कि यह बात सभी लोग जानते हैं कि पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में खा़सकर पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर बी.एस.पी. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आदि के साथ सही से तालमेल करके नहीं चलने की वजह से अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था तथा उन्हें दोबारा पार्टी में इस शर्त के साथ वापस लिया गया था कि वे दोबारा ऐसी ग़लती नहीं करेंगे और साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश में कहीं पर भी नहीं, बल्कि केवल दूसरे राज्यों में ही पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की ज़िम्मेदारी दी जायेगी।इसके अलावा BSP ने सहारनपुर निवासी और पार्टी कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल पर भी कार्रवाई की गई है। इससे पहले मायावती अशोक सिद्धार्थ को 2025 में भी पार्टी से बाहर कर चुकी हैं। अशोक सिद्धार्थ के बाद मायावती ने पिछले साल अपने भतीजे आकाश आनंद को भी पार्टी से निकाल दिया था। माफ़ी मांगने के बाद अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद को पार्टी में वापस लिया था।मायावती ने आगे लिखा-पार्टी में दोबारा वापसी के बाद जिन भी राज्यों की ज़िम्मेदारी बीएसपी कोआर्डिनेटर के रूप में अशोक सिद्धार्थ को दी गई वहां इन्होंने अपनी ज़िम्मेदारी को सही से नहीं निभाया। केवल कर्नाटक ही नहीं बल्कि उड़ीसा व पश्चिम बंगाल इन राज्यों से भी इनकी अनुशासनहीनता अर्थात् पार्टी के दिशा-निर्देश के उल्लंघन की ख़बरें लगातार आते रहने के फलस्वरूप इनको बार-बार चेतावनी देने के बावजूद भी इनमें सुधार नहीं आने की वजह से शनिवार को अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की सभी ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था।

