मैसूर में पीएम मोदी ने कहा स्वामी विवेकानंद जी युवाओं की शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार मानते थे। उन्होंने ये देखा था कि कैसे दुनिया के देश अपने युवाओं को शिक्षित बना रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से तब भारत गुलाम था। भारत के युवा भी गुलामी की जंजीरो में जकड़े हुए थे। उस दौर से लेकर आज तक भारत के युवा ने एक लंबी यात्रा तय की है। भारत का जो युवा कभी जंजीरों में था, आज वो युवा दुनिया के विकास को गति दे रहा है। आमैसूरु के श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत के युवा मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और डिजिटल इकॉनमी में देश की तेज़ी से हो रही तरक्की के पीछे मुख्य ड्राइविंग फ़ोर्स बनकर उभरे हैं। स्वामी विवेकानंद के विज़न का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने ज़ोर दिया कि शिक्षा, बराबरी और सेवा देश की तरक्की की बुनियाद हैं। प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, मोबाइल प्रोडक्शन और दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए ग्लोबल हब के तौर पर भारत के उभरने का क्रेडिट सीधे तौर पर इसके युवाओं की काबिलियत को दिया।भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। ये सब भारत के युवाओं के सामर्थ्य की वजह से ही हो रहा है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। वो भी भारत के युवाओं के सामर्थ्य से।

