Warning: Trying to access array offset on value of type int in /home/u611343930/domains/hindsamarthan.com/public_html/wp-content/themes/newsair/css/dynamic-css.php on line 57

Warning: Trying to access array offset on value of type int in /home/u611343930/domains/hindsamarthan.com/public_html/wp-content/themes/newsair/css/dynamic-css.php on line 58

Warning: Trying to access array offset on value of type int in /home/u611343930/domains/hindsamarthan.com/public_html/wp-content/themes/newsair/css/dynamic-css.php on line 81

Warning: Trying to access array offset on value of type int in /home/u611343930/domains/hindsamarthan.com/public_html/wp-content/themes/newsair/css/dynamic-css.php on line 82
नए कानून के तहत तीन महीने के अंदर पेपर लीक करने वालों को सजा मिलेगी-एंटी-पेपर लीक कानून में बदलाव को राष्ट्रपति की मंजूरी -
Breaking
Thu. Sep 10th, 2026

नए कानून के तहत तीन महीने के अंदर पेपर लीक करने वालों को सजा मिलेगी-एंटी-पेपर लीक कानून में बदलाव को राष्ट्रपति की मंजूरी

नए कानून की खास बातें

  • हर राज्य में पेपर लीक के मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे, जहां रोजाना सुनवाई होगी और 90 दिन के अंदर ट्रायल पूरा कर सजा का ऐलान किया जाएगा।
  • 2024 के कानून में 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान था। अब 5 से 10 साल तक की सजा हो सकती है।
  • 2024 के कानून में पेपर लीक के लिए 10 लाख का जुर्माना लगाया जाता था। अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा।
  • पहले सेंट्रल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच करती थी। अब पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
  • 2024 के कानून में पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच पूरी करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं थी, लेकिन अब नए संशोधन में 2 महीने के भीतर जांच पूरी करने की बात कही गई है।पेपर लीक रोधी कानून में संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है।नए प्रावधान के अनुसार पेपर लीक के मामलों में फैसला तीन महीने के अंदर आएगा। वहीं, दोषियों को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक रोधी संशोधन विधेयक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार को कहा था कि यह विधेयक पेपर लीक के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की एक कोशिश है। यह विधेयक परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता बढ़ाएगा।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *