(दानिश खान)
COLORS का लोकप्रिय स्टंट-आधारित रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ एक बार फिर ‘डर का नया दौर’ के साथ लौट रहा है। इस बार दर्शकों को पहले से कहीं बड़े स्टंट, कठिन चुनौतियां और अप्रत्याशित ट्विस्ट देखने को मिलेंगे। एक्शन के बेताज बादशाह रोहित शेट्टी की मेजबानी में केप टाउन में शूट किए गए इस शो में प्रतियोगियों के साहस, धैर्य और मानसिक मजबूती की कड़ी परीक्षा होगी।
चार साल बाद शो में वापसी कर रहीं रुबीना दिलैक अपने जीवन के एक नए पड़ाव के साथ इस चुनौती का सामना कर रही हैं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के अनुभव को याद करते हुए उन्होंने बताया कि मां बनने के बाद इस शो में लौटना उनके लिए क्यों बेहद खास रहा और इस अनुभव ने उनके डर का सामना करने का नजरिया कैसे बदल दिया।
1. आप एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में लौट रही हैं और साथ ही मातृत्व पर आधारित एक शो भी होस्ट कर रही हैं। इस समय वापसी करने की वजह क्या रही?
रुबीना: मैंने 2022 में ‘खतरों के खिलाड़ी’ किया था और अब 2026 में फिर लौटी हूं। इस बार हां कहना आसान नहीं था। मुझे फैसला लेने में लगभग तीन महीने लगे, क्योंकि अब मेरी हर प्राथमिकता मेरे बच्चों से शुरू होती है।
मां बनने के बाद मैं यह जानना चाहती थी कि एक इंसान के रूप में मैं कितनी बदल चुकी हूं। मेरा सबसे बड़ा डर स्टंट नहीं था, बल्कि इतने लंबे समय तक अपने बच्चों से दूर रहना था। अब पीछे मुड़कर देखती हूं तो महसूस होता है कि इस सफर ने मुझे अपनी ताकत, धैर्य और डर का सामना करने के नए तरीके से फिर परिचित कराया। मातृत्व आपको पूरी तरह बदल देता है, लेकिन साथ ही आपको पहले से कहीं ज्यादा मजबूत भी बना देता है।
अभिनव ने मुझे लगातार प्रोत्साहित किया और कहा कि ऐसे मौके बार-बार नहीं मिलते। उनके समर्थन ने मुझे यह कदम उठाने का आत्मविश्वास दिया और आज मैं खुश हूं कि मैंने यह फैसला लिया। यह अनुभव हमेशा मेरी यादों में रहेगा।
2. क्या मां बनने के बाद स्टंट करने का आपका नजरिया बदल गया?
रुबीना: मातृत्व आपको हर तरह से बदल देता है—शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से। एक महिला जब मां बनती है तो मानो उसका नया जन्म होता है।
इस सीजन ने मुझे महसूस कराया कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ सिर्फ शारीरिक ताकत का खेल नहीं है, बल्कि मानसिक दृढ़ता, धैर्य और साहस की असली परीक्षा है। मैंने चुनौतियों का सामना पहले की तुलना में कहीं अधिक धैर्य, स्पष्ट सोच और आत्मबल के साथ किया। हर स्टंट ने मुझे यह एहसास दिलाया कि हम अक्सर अपनी क्षमता को कम आंकते हैं। यह अनुभव मेरे लिए हमेशा खास रहेगा।
3. क्या इस बार आपने अलग तरह से तैयारी की थी?
रुबीना: सच कहूं तो बच्चों और काम के बीच मुझे अलग से तैयारी करने का समय ही नहीं मिला। अब जब यह सफर पूरा हो चुका है तो मैं कह सकती हूं कि कोई भी शारीरिक तैयारी आपको पूरी तरह ‘खतरों के खिलाड़ी’ के लिए तैयार नहीं कर सकती।
असली चुनौती मानसिक होती है। जब आप किसी ऊंची इमारत पर खड़े होते हैं या ऐसा स्टंट करते हैं जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की होती, तब आपकी सोच और मानसिक मजबूती ही काम आती है। साहस का मतलब पूरी तरह तैयार होना नहीं, बल्कि डर के बावजूद आगे बढ़ना है।
4. रियलिटी शो आपके लिए नए नहीं हैं। अभिनय के अलावा उन्होंने आपके करियर में क्या जोड़ा?
रुबीना: एक अभिनेता के रूप में लोग आपको आपके किरदारों से पहचानते हैं, लेकिन रियलिटी शो लोगों को आपका असली व्यक्तित्व देखने का मौका देते हैं। चार साल बाद इस शो में लौटकर मुझे एहसास हुआ कि मैं कितनी बदल चुकी हूं। अगर मैं पहले जैसी ही होती तो दर्शकों के लिए कुछ नया नहीं होता। यह सीजन मेरी व्यक्तिगत यात्रा और विकास का प्रतीक बन गया।
5. क्या इस बार जीतने का दबाव था, खासकर जब आप पहले भी एक बड़ा रियलिटी शो जीत चुकी हैं?
रुबीना: बिल्कुल नहीं। ‘खतरों के खिलाड़ी’ अपने आप में इतना चुनौतीपूर्ण शो है कि अलग से जीत का दबाव लेने की जरूरत नहीं होती। मेरे लिए यह सफर सीखने, आगे बढ़ने और अपनी सीमाओं से बाहर निकलने का था।
अगर लोग इस सीजन से मुझे किसी एक बात के लिए याद रखें तो मैं चाहूंगी कि वे याद रखें कि मैंने हर स्टंट का सामना एक शेरनी की तरह निडर होकर किया। मेरे लिए यही सबसे बड़ी जीत है।
6. शो में और वास्तविक जीवन में आपका सबसे बड़ा डर क्या है?
रुबीना: शो के डर और जिंदगी के डर बिल्कुल अलग होते हैं। शो में मुझे अपनी ऊंचाई के डर का फिर से सामना करना पड़ा। मैंने उसे पूरी तरह जीता या नहीं, यह दर्शक शो में देखेंगे, लेकिन मैं पहले से ज्यादा मजबूत जरूर बनकर लौटी हूं।
वहीं असल जिंदगी में मेरा सबसे बड़ा डर अपने बच्चों से 40 दिन दूर रहना था। लोग मुझे समझाते रहे, लेकिन एक मां का दिल हमेशा चिंतित रहता है। अब महसूस होता है कि वह डर प्यार से पैदा हुआ था और उस भावनात्मक चुनौती को पार करना भी किसी स्टंट से कम नहीं था।
7. इस सीजन से आप क्या अपने साथ लेकर जाएंगी?
रुबीना: यह सीजन अनुभवों से भरा रहा। हर स्टंट, हर चुनौती और हर पल ने मुझे अपने बारे में कुछ नया सिखाया। मुझे भरोसा था कि मैं हर चुनौती का सामना कर सकती हूं। आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो सिर्फ स्टंट ही याद नहीं आते, बल्कि वह आत्मविश्वास, सीख और खुद का नया रूप याद आता है, जिसे मैंने इस सफर में पाया। यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
8. रोहित शेट्टी प्रतियोगियों को उनकी सीमाओं से आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। उनके साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा रहा?
रुबीना: रोहित सर शानदार मेंटर हैं और मेरा मानना है कि वे भारत के सबसे बेहतरीन रियलिटी शो होस्ट्स में से एक हैं। उनमें प्रतिभागियों को उनकी क्षमता से आगे बढ़ाने की अद्भुत कला है। कई बार मैंने सिर्फ उनकी प्रेरणा और भरोसे की वजह से अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया। उनका विश्वास ही हमें अपनी क्षमता से बढ़कर प्रदर्शन करने की ताकत देता है।
9. क्या इस सीजन में कोई ऐसी दोस्ती हुई जिसकी आपने उम्मीद नहीं की थी?
रुबीना: बिल्कुल। ओरी (Orry) के साथ बनी दोस्ती मेरे लिए जिंदगीभर यादगार रहेगी। लोग उन्हें उनकी मस्तीभरी छवि के लिए जानते हैं, लेकिन इस सफर में मैंने उनका एक अलग ही रूप देखा। वे बेहद गर्मजोशी से पेश आने वाले, सच्चे और हमेशा सकारात्मक ऊर्जा फैलाने वाले इंसान हैं। कई बार सबसे अनपेक्षित दोस्तियां ही सबसे खास बन जाती हैं और हमारे साथ भी ऐसा ही हुआ। मुझे यकीन है कि यह रिश्ता शो खत्म होने के बाद भी हमेशा बना रहेगा।
‘खतरों के खिलाड़ी’ का प्रसारण 1 अगस्त से शुरू होगा और इसके बाद हर शनिवार और रविवार रात 9:00 बजे केवल COLORS और JioHotstar पर देखा जा सकेगा।

