अभियान के तहत कुल 6552 संदिग्धों को बाउन डाउन किया गया, जिनमें 1608 से अधिक को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है। 262 पुरानी एफआईआर के आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही कार्रवाई में 299 नई एफआइआर दर्ज की गई। नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पुलिस को इनके खिलाफ 3180 शिकायतें मिली हैं, जिनमें 627 करोड़ की धोखाधड़ी करने का चला पता है।
दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार करते हुए ऑपरेशन साइक 3.0 के तहत दिल्ली समेत कई राज्यों में छापेमारी कर 955 लोगों को गिरफ्तार किया है। तीसरी बार यह ऑपरेशन पांच व छह फरवरी को दिल्ली समेत 10 से अधिक राज्यों में 48 घंटे के लिए चलाया गया।
ऑपरेशन की सफलता को लेकर पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा का कहना है कि यह साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे के खिलाफ पुलिस का एक स्ट्रक्चर्ड और लगातार चलने वाला अभियान है। साइबर धोखाधड़ी कोई अलग-थलग अपराध नहीं है। यह एक संगठित इकोसिस्टम है। हर साइहाक ऑपरेशन के साथ हम रोकथाम को मजबूत कर रहे हैं और लोगों का भरोसा बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी बहुत ही संगठित, कई लेयर वाली और अंतरराज्यीय आपराधिक गतिविधि बन गई है, जो डिजिटल अरेस्ट, म्यूल बैंकिंग चैनलों और कमजोर नागरिकों इसका फायदा उठाती है। इस खतरे को पहचानते हुए दिल्ली पुलिस ने आपरेशन साइहॉक को एक रणनीतिक फ्रेमवर्क के रूप में तैयार किया, ताकि इनके नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।


