प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें मलेशिया में भारतीय प्रवासी समुदाय से मिलने का अवसर मिला, जो उनके लिए बेहद सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि मलेशिया के नेतृत्व के लिए प्रवासी भारतीयों को सम्मान और अपनापन साक्षात मिलता है जिस पर उन्हें गर्व महसूस होता है।
मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम इब्राहिम से मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया अपने रिश्ते को नई मंजिल तक ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस दौर में दोनों देशों के बीच वैश्विक सहयोग की भी जरूरत है।
उन्होंने कहा कि उग्रवादियों के खिलाफ लड़ाई में मित्र राष्ट्र का समर्थन बेहद अहम है। भारत और मलेशिया दोनों देशों का मानना है कि दोनों देशों की समृद्धि एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया, दोनों समुद्री पड़ोसी देश हैं और इस शांतिपूर्ण शांत महासागर में उन्हें अपने साम्राज्य की पूरी क्षमता का उपयोग करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत और मलेशिया के बीच कृषि, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर जैसे सहयोग लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कौशल विकास और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में भी दोनों देश अहम हैं। रक्षा सुरक्षा और सहयोग पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।
पीएम मोदी ने आसियान के लिए मलेशिया को बधाई दी और कहा कि भारत-आसियान संबंध और मजबूत होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-मलेशिया की असली ताकत लोगों के बीच में है। करीब 30 लाख मलेशियाई भारतीय नागरिक मूल के हैं, जो दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की तरह हैं।
उन्होंने कहा कि मलेशिया की यह उनकी तीसरी यात्रा है और इब्राहिम इब्राहिम की यह उनकी चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के रिश्तों की विरासत को दर्शाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वह मलेशियाई प्रधानमंत्री का आकर्षण हैं।


