मुंबई :मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई सहित बड़े शहरों में नौकरी और व्यवसाय के लिए बड़ी संख्या में लोग बाहर से आते हैं। ऐसे में उनके लिए सस्ती दरों पर किराये के घर उपलब्ध कराना समय की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार एक डिजिटल पोर्टल विकसित करने जा रही है, जहां किराये के घरों की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि इस पोर्टल के जरिए किरायेदार और मकान मालिक दोनों को आसानी से जानकारी और सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘डिमांड और सप्लाई’ के सिद्धांत पर किराये के घर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसी भी नागरिक को घर ढूंढने में परेशानी न हो।उन्होंने यह भी कहा कि किरायेदारी से जुड़े सभी समझौतों और प्रक्रियाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाए, जिससे विवाद की स्थिति कम हो सके।बैठक में महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम 1999 को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस उपायुक्तों को ‘सक्षम प्राधिकारी’ नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया और तेज होगी। इसके साथ ही किराये से जुड़े विवादों के त्वरित निपटारे के लिए 100 विशेष अदालतें स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन अदालतों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की जाएगी।


