महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के जन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विरोधियों और पार्टी से अलग हुए बागियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ठाकरे परिवार को खत्म करने की कई कोशिशें हुईं, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो सका।
उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘आज बालासाहेब के शताब्दी वर्ष की शुरुआत है। हमारे राजनीतिक सफर में उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन हमें यह सिखाने की जरूरत नहीं कि मुश्किल हालात में कैसे टिके रहना है। मैंने और राज ने संघर्ष देखा है।’ उन्होंने आगे कहा कि उनके दादा के समय से ठाकरे परिवार की एक गौरवशाली विरासत रही है। कई लोग हमारे नाम को मिटाने आए, लेकिन नाकाम रहे। अगर हमें गद्दारों का अभिशाप न मिला होता, तो महाराष्ट्र का इतिहास और भी गौरवशाली होता।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की है कि बाहरी लोग नहीं, बल्कि अपने ही लोग गद्दार निकले, जिन्हें हमें खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि वोट खरीदे जा सकते हैं, लेकिन आत्मा और जज़्बा नहीं। आज भी जो जिंदा हैं, वे मेरे साथ हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि बालासाहेब ने महाराष्ट्र को सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि जीने का तरीका सिखाया।


