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रक्षा बंधन से लागू होगा धर्म स्वतंत्रता कानून-फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला -
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Wed. Aug 19th, 2026

रक्षा बंधन से लागू होगा धर्म स्वतंत्रता कानून-फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला

नए प्रावधानों के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराने के लिए बल, छल या लालच का सहारा लेता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है और यह अपराध गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है। कानून में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे निर्धारित प्राधिकारी के समक्ष 60 दिन पहले आवेदन देना होगा। इसके बाद नियमानुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने राज्य में महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026 लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। गृह विभाग से 17 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन के अनुसार यह कानून 28 अगस्त 2026 से प्रभावी हो जाएगा। राज्य सरकार ने अधिनियम की धारा 1(2) के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए इसके लागू होने की तारीख निर्धारित की है। सरकार के अनुसार, इस कानून का उद्देश्य जबरदस्ती, दबाव, धोखे, प्रलोभन या अन्य अवैध तरीकों से कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना है। राज्य सरकार के फैसले में सबसे अधिक चर्चा उस प्रावधान को लेकर हो रही है, जिसमें कथित तौर पर धोखे, छल या केवल धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किए गए विवाह के मामलों का उल्लेख किया गया है। ऐसे मामलों में विवाह की वैधता और उससे जुड़े कानूनी प्रभावों पर विशेष प्रावधान रखे गए हैं। जानकारी के अनुसार, अगर विवाह केवल धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से किया गया पाया जाता है, तो जन्म लेने वाले बच्चे की धार्मिक पहचान के संबंध में मां के विवाह पूर्व मूल धर्म को आधार माना जाएगा।

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