राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लंबी पोस्ट कर आरोप लगाया कि सीईसी ने स्वतंत्र रूप से काम नहीं किया बल्कि उन्हें सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मनमाने फैसले लेने के लिए ‘मजबूर’ किया गया। उन्होंने तर्क दिया कि स्वतंत्र चुनाव आयोग की अवधारणा अब सिर्फ किताबों में ही रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में ‘आजादी’ का मतलब सत्ताधारी पार्टी की पूरी तरह से गुलामी करना है। ठाकरे ने कहा कि चुनाव आयुक्त संधू और जोशी द्वारा उठाए गए सवाल इतने गंभीर हैं कि उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जब तीन में से दो आयुक्तों को अंधेरे में रखा जाता है और दरकिनार कर दिया जाता है, तो यह साबित होता है कि वोटर लिस्ट में मनमाने ढंग से हेरफेर की गई थी।महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को रद्द करने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 2025 से इसे एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है. उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की. इसके साथ ही विपक्षी दलों से इस मुद्दे को लेकर एकजुट होने की भी अपील की.
राज ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जानी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता पर अपनी पकड़ लगातार बनाए रखने के लिए ज्ञानेश कुमार जैसे लोगों का इस्तेमाल किया. इसी उद्देश्य से उसने 2025 से एक नया हथियार एसआईआर अपनाया है.

