मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी अच्छा काम तभी किया जा सकता है, जब रीढ़ की हड्डी सीधी हो और मन साफ हो। उन्होंने 2017 से पहले की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय नेतृत्व की रीढ़ टेढ़ी थी और नीयत में भी खोट था। योगी के मुताबिक, इसी वजह से प्रदेश में माफिया का प्रभाव था और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व में फैसले लेने का संकल्प नहीं हो तो पुलिस के लिए कानून-व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाता है।मुख्यमंत्री ने लखनऊ में 87 इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाने और पुलिसकर्मियों के सम्मान समारोह में पिछली सरकारों पर निशाना साधा। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने मौजूदा सरकार पर ही कानून-व्यवस्था खराब होने का आरोप लगाया। दोनों नेताओं ने अपने-अपने दावों के समर्थन में अलग-अलग मुद्दे उठाए।योगी ने कहा कि करीब दस साल पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल था और माफिया का दबदबा था। उनके अनुसार, बड़े अधिकारियों को न तो काम करने की पूरी आजादी थी और न ही अपनी बात कहने की। उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति बदल चुकी है और ‘जंगलराज का काला साया’ छंट गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। गुरुवार को इसी कार्यक्रम में 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को रवाना किया गया और साहसी पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया।

