उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से यह खौफनाक मामला सामने आया है जिसमें एक डॉक्टर ने लोन ना चुकाना पड़े और उसको बीमा की रकम भी मिल जाए इसके चलते एक युवक को कार के अंदर जिंदा जला दिया. पुलिस ने इस मामले की काबिले तारीफ तरीके से जांच करते हुए आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है.23 दिसंबर को देहात कोतवाली क्षेत्र में जब्बार अली निवासी बिजोपुरा ने पुलिस को सूचना दी कि नहर के किनारे एक जली हुई कार खड़ी है. सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची तो देखा कि कार के अंदर एक युवक जला हुआ पड़ा था. पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था. इस बीच 26 दिसंबर को गुलजार निवासी खान आलमपुरा ने तहरीर देकर बताया कि उसका भांजा सोनू निवासी पुराना मिद्दा थाना सदर बाजार यमुनानगर 22 दिसंबर से गायब है. पुलिस ने जांच शुरू की तो सोनू को एक व्यक्ति के साथ जाते हुए सीसीटीवी कैमरे पर देखा गया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को पकड़ लिया. पुलिस की पूछताछ में डॉक्टर ने चौंकाने वाला खुलासा किया. पूछताछ में पता चला कि बागपत के असारा गांव निवासी मुबारक नाम का युवक हबीबगढ़ में रहकर क्लीनिक चलाता था. मुबारक ने बैंक से 25 से 30 लाख रुपये लोन ले रखा था. मुबारक ने अपनी पत्नी को नॉमिनी बनाते हुए लाखों का बीमा भी करवा रखा था. मुबारक अपने आप को मृत दर्शाकर बीमे की रकम हड़पना चाहता था. साथ ही कर्ज से मुक्त होना चाहता था. इसके लिए उसने एक पुरानी गाड़ी खरीदी और अपने पड़ोस के रहने वाले सोनू को 22 दिसंबर की रात बिजोपुरा नहर की पुलिया के पास गाड़ी में बैठकर शराब पिलाई, जिसमें उसको नशीली गोलियां भी दे दीं. इससे वह बेहोश हो गया. इसके बाद आरोपी डॉक्टर मुबारक ने गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया. इस घटना में युवक की कार में ही जलकर मौके पर मौत हो गई.


