दिल्ली : आप के सीनियर नेता संजय सिंह ने कहा कि दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) के तहत किसी भी प्रकार की टूट या अलग गुट को मान्यता नहीं है, चाहे संख्या दो-तिहाई ही क्यों न हो. उन्होंने कहा कि यह मामला पहले भी कई राजनीतिक घटनाओं में स्पष्ट हो चुका है और इस बार भी नियमों का पालन होना चाहिए.
आम आदमी पार्टी मुख्यालय में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस वार्ता कर गुजरात में पार्टी के खिलाफ हुई कार्रवाई और सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने इस दौरान सोशल मीडिया पेज सस्पेंड कराने से लेकर दल-बदल कानून के उल्लंघन तक कई गंभीर आरोप लगाए.
प्रेस वार्ता का सबसे बड़ा मुद्दा सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने का था. संजय सिंह ने इसे “गैरकानूनी और असंवैधानिक” बताया हैं. उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत अन्य सांसदों का भाजपा में जाना दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की जाएगी.
प्रेस वार्ता में प्रवेश वर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी संजय सिंह ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जारी की गई तस्वीरें पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई भी मीडिया संस्थान इन तस्वीरों का प्रसारण करता है, तो उसके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया जाएगा. संजय सिंह ने दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि सभी अपने-अपने सरकारी आवास जनता के लिए खोलें. उन्होंने कहा कि केजरीवाल का घर भी जनता के लिए खोला जाएगा ताकि लोग खुद तुलना कर सकें.


