बसपा मुख्यालय लखनऊ में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि डाॅ. भीमराव आंबेडकर जब कानून मंत्री थे तो उन्होंने देखा कि कांग्रेस संविधान के हिसाब से काम नहीं कर रही है तो उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को अपना इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस ने डॉ. आंबेडकर को संसद में बोलने नहीं दिया था तो उन्होंने मीडिया के सामने अपनी बात रखी थी। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि बसपा संसद में पेश किए जाने वाले ‘एक देश एक चुनाव’ विधेयक का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि एक चुनाव होने से विकास कार्य नहीं रुकेंगे और जनहित के कार्यों को भी चुनाव के चक्कर में नहीं रोकना पड़ेगा। साथ ही राजनीतिक दलों पर चुनाव के खर्च का बोझ कम पड़ेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि ‘एक देश एक चुनाव’ के मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचना होगा।