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ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सभी सेकुलर दलों से अपील -
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Wed. Sep 23rd, 2026

ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सभी सेकुलर दलों से अपील

दिल्ली :ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सभी सेक्युलर राजनीतिक दलों, जिनमें बीजेपी की सहयोगी पार्टियाँ और सांसद भी शामिल हैं, से अपील की है कि वे वक़्फ़ संशोधन विधेयक का पुरज़ोर विरोध करें और किसी भी हाल में इसके पक्ष में मतदान न करें।

 

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने देश की सभी सेक्युलर पार्टियों और संसद सदस्यों से अपील की है कि जब कल संसद में वक़्फ़ संशोधन विधेयक पेश किया जाए तो वह न केवल इसका पुरज़ोर विरोध करें बल्कि इसके खिलाफ़ मतदान करके बीजेपी के सांप्रदायिक एजेंडे को नाकाम बनाएं।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक न केवल भेदभाव और अन्याय पर आधारित है बल्कि भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों से संबंधित अनुच्छेद 14, 25 और 26 के सीधे खिलाफ़ भी है।

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी इस विधेयक के ज़रिए वक़्फ़ क़ानून को कमजोर करना चाहती है और वक़्फ़ संपत्तियों को हड़पने तथा नष्ट करने का रास्ता साफ़ करना चाहती है। वैसे भी प्लेसेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट की मौजूदगी के बावजूद हर मस्जिद में मंदिर ढूंढने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है।

 

यदि यह संशोधन पारित हो गया तो वक़्फ़ संपत्तियों पर सरकारी और गैर-सरकारी अवैध दावों की बाढ़ आ जाएगी और कलेक्टर तथा डीएम के माध्यम से इन्हें हड़पना आसान हो जाएगा।

 

बोर्ड के अध्यक्ष ने अपनी अपील में आगे कहा कि इन संशोधनों के ज़रिए वक़्फ़ बाई यूज़र (Waqf by-user) की समाप्ति, लिमिटेशन एक्ट से छूट को खत्म किया जाना, वक़्फ़ बोर्ड और सेंट्रल वक़्फ़ काउंसिल में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना तथा वक़्फ़ ट्रिब्यूनल की शक्तियों को कम किया जाना—ये सभी बदलाव वक़्फ़ संपत्तियों को मिलने वाले संरक्षण को समाप्त कर देंगे।

 

इसके अलावा, इस एक्ट में केंद्र और राज्य सरकार, नगर निगम और अर्ध-स्वायत्त संस्थाओं की भागीदारी तथा सरकारी दावों का निपटारा वक़्फ़ ट्रिब्यूनल के बजाय कलेक्टर या डीएम के माध्यम से किया जाना, एक ऐसा संशोधन है जो वक़्फ़ संपत्तियों पर सरकार के अवैध कब्ज़े को वैधता प्रदान करेगा।

 

 

यह भी बताना ज़रूरी है कि ये सभी संरक्षण देश में अन्य धर्मों की वक़्फ़ संपत्तियों को भी प्राप्त हैं, इसलिए केवल मुस्लिम वक़्फ़ संपत्तियों को निशाना बनाना भेदभाव और अन्याय है।

 

मौलाना रहमानी ने अपनी अपील में आगे कहा कि हमारा देश हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और एक-दूसरे के धर्म, रीति-रिवाजों और त्योहारों के सम्मान के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। लेकिन दुर्भाग्यवश, इस समय देश की बागडोर उन तत्वों के हाथ में है जो इस सांप्रदायिक सौहार्द्र को नष्ट करके देश में अराजकता और अशांति पैदा करना चाहते हैं। मुझे आपसे और आपकी पार्टी से पूरी उम्मीद है कि कल आप बीजेपी के इस सांप्रदायिक एजेंडे को विफल कर देंगे।

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