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बॉम्बे हाई कोर्ट ने अदालत का ढाई घंटे से अधिक का समय बर्बाद करने वाली एक फर्म पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया -
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Wed. Sep 23rd, 2026

बॉम्बे हाई कोर्ट ने अदालत का ढाई घंटे से अधिक का समय बर्बाद करने वाली एक फर्म पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया

मुंबई :बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा- फर्म ने बर्बाद किया कोर्ट का समय.मामला कोल्हापुर एयरपोर्ट से संबंधित भूमि अधिग्रहण के विवाद से जुड़ा था। जमीन का मालिकाना हक एक विधवा महिला और उसके परिवार के पास था। एक पार्टनरशिप फर्म को वह जमीन लीव ऐंड लाइसेंस एग्रीमेंट के आधार पर दी गई थी। एग्रीमेंट की अवधि मार्च 2020 में खत्म हो गई, लेकिन इसके बावजूद उक्त कंपनी ने जमीन खाली करने के बजाय मुआवजे की मांग की और टेनेंसी राइट को मान्यता देने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। हालांकि बेंच ने फर्म के दावे को निराधार पाया क्योंकि फर्म के एग्रीमेंट की अवधि खत्म हो गई थी। इसलिए भूमि पर दावे को लेकर उसकी कोई कानूनी हैसियत नहीं थी।मौजूदा याचिका के तथ्यों के मद्देनजर बेंच ने कहा, ‘याचिकाकर्ता (फर्म) ने जानबूझकर कोर्ट का समय बर्बाद किया है, जिसकी कीमत उन पक्षकारों को चुकानी पड़ी है, जो सुनवाई के लिए खुद के केस की बारी आने का इंतजार कर रहे थे। वर्तमान में जब अदालतों पर काम का दबाव है, ऐसे में बेवजह की दलीलों के जरिए न्यायालय का वक़्त नष्ट करने की प्रथा पर लगाम लगाना जरूरी है। साधन संपन्न याचिकाकर्ताओं द्वारा कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। यह स्थिति बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।बॉम्बे हाई कोर्ट ने अदालत का ढाई घंटे से अधिक का समय बर्बाद करने वाली फर्म पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम कोर्ट ने मुकदमे के चलते परेशानी का सामना करने वाले जमीन मालिक (प्रतिवादियों) को दो हफ्ते में देने का निर्देश दिया है। जस्टिस जी. एस. कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने निरर्थक मुकदमेबाजी के जरिए कोर्ट का समय नष्ट करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई।

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