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यूपी एसटीएफ की प्रयागराज टीम ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए अवैध सट्टेबाज़ी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ -
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Fri. Oct 2nd, 2026

यूपी एसटीएफ की प्रयागराज टीम ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए अवैध सट्टेबाज़ी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़

STF की टीम ने सटीक घेराबंदी करके चारों आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से कई लैपटॉप, स्मार्टफोन, QR कोड स्कैनर और सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं। आरोपियों के गिरफ्तार होने से क्षेत्र में चल रहे एक बड़े ऑनलाइन जुआ और सट्टा नेटवर्क का पूरी तरह से सफाया हो गया है।

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) की प्रयागराज टीम ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप के नाम पर अवैध सट्टेबाजी का धंधा चलाने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। STF ने इस मामले में चार शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान बृजेश सिंह, अभिषेक कुमार, प्रिंस कुमार और मितेश प्रधान के रूप में हुई है। यह गैंग इंटरनेट के माध्यम से लोगों को सट्टेबाजी के जाल में फंसाकर मोटी कमाई कर रहा था।

पकड़े गए आरोपी बेहद चालाकी से अपना नेटवर्क चला रहे थे। इन्होंने ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित करने के लिए ROLEXPANEL.WIN नाम से एक गेमिंग ऐप बनवाया था। सट्टे से आने वाले पैसों को ठिकाने लगाने और कलेक्ट करने के लिए आरोपियों ने जाली (फर्जी) दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सैकड़ों सिम कार्ड खरीदे। इन्हीं फर्जी नंबरों से कई UPI अकाउंट बनाए गए थे, ताकि पुलिस या बैंक एजेंसियों को इन पर कोई शक न हो।

गैंग में काम का बंटवारा भी बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। इनमें से एक सदस्य को एडमिन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एडमिन का काम यह ध्यान रखना था कि जब भी ऐप पर किसी अकाउंट में गतिविधियां बंद हों या पकड़े जाने का खतरा हो, तो वह तुरंत उन खातों और डेटा को डिलीट कर दे। इस पूरे काले कारोबार को आपस में नियंत्रित करने के लिए आरोपियों ने एक गुप्त व्हाट्सएप ग्रुप भी बना रखा था।इस शातिर गैंग के पकड़े जाने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। ऑनलाइन सट्टेबाजी से अचानक भारी मात्रा में पैसे आने के बाद आरोपी अपने गांव और आसपास की बैठकों में बड़ी-बड़ी बातें करने लगे थे। अचानक आई इस बेहिसाब दौलत और उनके बदले तेवरों की भनक UP STF को लग गई।

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