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मामला 18 फरवरी 2014 का है। दिल्ली के बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास एक मिठाई की दुकान पर, जब वेंडर ने लाइन तोड़ने से मना किया, तो उस आदमी ने उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद शख्स ने अपनी पिस्तौल निकाली और बहुत पास से उसके सिर में गोली मार दी।राजधानी दिल्ली में लाइन में लगे दूसरे लोगों से पहले ‘जलेबी’ न देने पर एक शख्स ने हलवाई को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं अब हत्या के इस मामले में कोर्ट ने दोषी को 12 साल बाद उम्रकैद की सजा सुनाई है।एडिशनल सेशन जज धीरेंद्र राणा, नीरज को सजा सुनाने के मामले में दलीलें सुन रहे थे। नीरज को इसी महीने की शुरुआत में IPC की धारा 302 (हत्या) और हथियारों के गैर-कानूनी इस्तेमाल के लिए आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था। 8 जून के एक आदेश में जज ने कहा, “रिकॉर्ड देखने से पता चलता है कि दोषी का मृतक के साथ झगड़ा हुआ था, क्योंकि वह चाहता था कि लाइन में खड़े दूसरे ग्राहकों से पहले उसे जलेबी दी जाए। जज ने कहा, “जब मृतक (हलवाई) ने ऐसा करने से मना किया, तो दोषी ने उसे थप्पड़ मारा, पिस्तौल निकाली और बहुत पास से मृतक के सिर पर गोली मार दी।जज ने कहा कि पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं नीरज को घटनास्थल के पास से पकड़ा गया। साथ ही उसके पास से एक नकली हथियार लाइसेंस भी बरामद हुआ। उन्होंने कहा, “मैंने इस मामले से जुड़ी नरमी बरतने वाली परिस्थितियों पर विचार किया है। दोषी किसी दूसरे मामले में शामिल नहीं है। ट्रायल के दौरान वह कस्टडी में रहा। वह समाज के लिए खतरा नहीं है और उसके सुधरने की संभावना है। इसलिए, यह मामला ‘सबसे दुर्लभ मामलों’ (रेयरेस्ट ऑफ रेयर) की श्रेणी में नहीं आता है। दोषी 2014 से लंबे समय तक चले ट्रायल का सामना कर रहा है। उसका परिवार है जिसमें उसकी पत्नी और दो बेटे हैं।” इसके बाद जज ने दोषी को हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई।

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