COLORS के ‘108 Base Hospital: Uri’ की अभिनेत्री एरिका फर्नांडिस ने कहा,
“स्वतंत्रता दिवस हमें उन तमाम तरीकों की याद दिलाता है, जिनके जरिए लोग देश की सेवा करते हैं। मुझे लगता है कि ‘108 Base Hospital: Uri’ देशभक्ति के उस पहलू को खूबसूरती से सामने लाता है, जिसके बारे में हम अक्सर बात नहीं करते। यह शो उन मेडिकल स्टाफ की कहानी को सामने लाता है, जो हमारे सैनिकों के पीछे मजबूती से खड़ा रहता है और हर दिन मौत के खिलाफ एक अलग तरह की लड़ाई लड़ता है, ताकि देश की रक्षा करने वाले जवान सुरक्षित अपने घर लौट सकें।
‘108 Base Hospital: Uri’ में डॉ. मेजर नैना का किरदार निभाने की सबसे खास बात मेरे लिए यह रही कि वह भारत की उन तमाम महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो परिस्थितियों से ऊपर उठकर बड़ी जिम्मेदारियां निभाती हैं और आराम की बजाय अपने उद्देश्य को चुनती हैं। यही वह भावना है, जिस पर हमारा देश लगातार आगे बढ़ रहा है—ऐसी महिलाएं जो पहचान या सम्मान की तलाश नहीं करतीं, बल्कि दृढ़ता, विश्वास और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ती रहती हैं।
इस कहानी को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए स्वतंत्रता दिवस से बेहतर अवसर मैं नहीं सोच सकती थी। आइए, हम उन सभी लोगों का सम्मान करते रहें, जो देश की महानता के लिए अपनी ओर से योगदान दे रहे हैं। जय हिंद!”
COLORS के ‘108 Base Hospital: Uri’ के अभिनेता गश्मीर महाजनी ने कहा,
“भारत की जिन बातों की मैं सबसे ज्यादा प्रशंसा करता हूं, उनमें से एक यह है कि हमारी अनगिनत भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और आस्थाओं के बावजूद एक भावना ऐसी है, जो हमेशा हमें एकजुट करने की ताकत रखती है—वह है देश के प्रति हमारा प्रेम।
देशभक्ति केवल बड़े-बड़े कार्यों तक सीमित नहीं है। यह उन करोड़ों लोगों की भावना है, जो अलग-अलग क्षेत्रों से आते हुए भी अपने-अपने तरीके से योगदान देना चाहते हैं और भारत को गौरवान्वित करना चाहते हैं। यह विचार मुझे बेहद भावुक करता है।
‘108 Base Hospital: Uri’ में डॉ. मेजर अनिरुद्ध का किरदार निभाने से इस भावना को और गहराई से समझने का मौका मिला। यह शो दिखाता है कि सेवा के कई रूप हो सकते हैं। चाहे युद्ध के मैदान में निभाई गई जिम्मेदारी हो, ऑपरेशन थिएटर में किसी की जान बचाने का प्रयास हो या रोजमर्रा की जिंदगी में अपने काम को ईमानदारी से करना—हर कर्तव्य देश को मजबूत बनाता है।
इस स्वतंत्रता दिवस पर मेरी यही कामना है कि भारत के प्रति हमारा साझा प्रेम हमारी विभिन्नताओं से कहीं अधिक मजबूत रहे, ताकि हम एक-दूसरे का साथ देते हुए आगे बढ़ते रहें और मिल-जुलकर देश को प्रगति की राह पर ले जाएं। सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!”
COLORS के ‘खतरों के खिलाड़ी’ के अभिनेता अविनाश मिश्रा ने कहा,
“‘खतरों के खिलाड़ी’ से मैंने यह सीखा है कि डर अक्सर हमारे व्यक्तित्व को सामने लाने का काम करता है। इस तरह के शो का हिस्सा बनने से हमें डर का सामना करने और अपनी सीमाओं को पार करने के लिए जरूरी साहस की एक झलक मिलती है।
लेकिन इस शो ने मुझे इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण चीज सिखाई है—इसने मुझे उन पुरुषों और महिलाओं के असाधारण साहस का एहसास कराया है, जो हमारे देश की सेवा करते हैं। हम खिलाड़ी जिस चुनौती का सामना करते हैं, वह देश के मनोरंजन के लिए एक प्रतियोगिता का हिस्सा है। लेकिन हमारे सैनिक अनिश्चित परिस्थितियों में यह जानते हुए कदम रखते हैं कि हर मिशन उनसे सर्वोच्च बलिदान की मांग कर सकता है।
इससे बड़ा साहस कोई नहीं हो सकता कि कोई व्यक्ति अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों लोगों को शांति और स्वतंत्रता से जीने का अवसर दे। इस तरह के साहस की प्रशंसा किए बिना रह पाना संभव नहीं है और इसके बारे में सोचकर भी सिर श्रद्धा से झुक जाता है।
इस स्वतंत्रता दिवस पर मैं हमारे सशस्त्र बलों के कर्तव्य और समर्पण को नमन करता हूं और उम्मीद करता हूं कि हम अपने रोजमर्रा के जीवन में भी एक-दूसरे को और अधिक साहसी बनने के लिए प्रेरित करेंगे। जय हिंद!”
COLORS के ‘Juhi Mui’ के अभिनेता विजयेंद्र कुमेरिया ने कहा,
“अधिकतर स्वतंत्रता दिवस पर हम अपने देश के स्वतंत्रता सेनानियों को गर्व के साथ याद करते हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि हम आम नागरिकों को भी वह सम्मान और श्रेय दें, जिसके वे हकदार हैं।
आम नागरिक ही एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और अपने आसपास की दुनिया की परवाह करना कभी नहीं छोड़ते। प्रगति की शुरुआत तब होती है, जब हम उदासीन रहने से इनकार करते हैं, जब हम गलत के खिलाफ सवाल उठाने, सही के लिए खड़े होने और परिस्थितियों को पहले से बेहतर बनाने का प्रयास करते हैं।
यही एक कारण है कि ‘Juhi Mui’ में संयम का किरदार निभाना मेरे लिए बेहद खास रहा। शो में वर्दी पहनने से मुझे यह समझने का अवसर मिला कि किसी वर्दी और बैज को धारण करने का वास्तविक अर्थ क्या होता है। यह केवल अधिकार का प्रतीक नहीं है, बल्कि जरूरत के समय लोगों के साथ खड़े रहने, व्यक्तिगत हितों से ऊपर सेवा को रखने और सही के लिए खड़े होने की प्रतिबद्धता है—भले ही उस समय कोई आपको देख न रहा हो।
इस स्वतंत्रता दिवस पर मेरी उम्मीद है कि हम सभी अपने जीवन में भी इसी जिम्मेदारी की भावना को अपनाने के लिए प्रेरित हों। क्योंकि किसी देश का भविष्य केवल उन नायकों से तय नहीं होता, जिनका हम सम्मान करते हैं, बल्कि उन आम लोगों से भी बनता है, जो हर दिन बदलाव लाने का फैसला करते हैं। जय हिंद!”
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