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Mon. Aug 17th, 2026

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नई EV पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ परिवहन वाली राजधानी बनाना है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं, जिससे वायु प्रदूषण कम हो और ईंधन पर खर्च भी घटे। इसी लक्ष्य के साथ दिल्ली को देश की EV कैपिटल बनाने की प्लानिंग तैयार की गई है।दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने नई दिल्ली EV पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। सरकार का प्रस्ताव है कि उपराज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को टैक्स में छूट, सब्सिडी और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का दावा है कि अगले चार वर्षों में करीब 15,000 करोड़ रुपये का पूरा लाभ लोगों और EV सेक्टर को मिलेगा।नई पॉलिसी के तहत सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दी जाएगी। यह लाभ चार पहिया वाहनों के लिए 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले वाहनों पर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे इलेक्ट्रिक कारों की खरीद को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।सरकार के अनुसार, अगले चार वर्षों में 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रत्यक्ष सरकारी निवेश किया जाएगा। इसके अलावा टैक्स छूट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं को मिलाकर लगभग 15,000 करोड़ रुपये का पूरा लाभ नागरिकों और EV उद्योग को मिलने की उम्मीद है। इससे निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और इलेक्ट्रिक वाहन इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।

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