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मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सीमा पर अवसंरचना के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराकर सीमा सुरक्षा को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में ‘घुसपैठियों’ की पहचान करने और उन्हें उनके मूल स्थान पर वापस भेजने के लिए ‘होल्डिंग सेंटर’ बनाए गए हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग गैर-कानूनी तरीके से देश में घुसते हैं और ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं, जिनसे भारत की संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो, उन्हें वापस भेज दिया जाएगा.”

शुभेंदु अधिकारी ने गैर-कानूनी प्रवासियों और नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) के दायरे में आने वाले शरणार्थियों के बीच अंतर बताते हुए कहा कि धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने के बाद भारत आए हिंदू ‘घुसपैठिए नहीं’ हैं और उन्हें कानून के तहत नागरिकता दी जाएगी.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार ‘भूमि जिहाद’, ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण के खिलाफ एक कड़ा कानून लाएगी. साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के उपायों के तहत राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी लागू करेगी.

‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर रवींद्र सदन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ होने के कारण जनसांख्यिकीय बदलाव हुए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल के सामाजिक ताने-बाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है.

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