यूपी से भीम आर्मी के नेता और सांसद चंद्रशेखर ने किसान नेता राकेश टिकैत के साथ हुई बदसलूकी की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि मुजफ्फरनगर में किसान नेता राकेश टिकैत जी के साथ जो व्यवहार हुआ—पगड़ी उतारना, सिर पर लाठी मारना—ये न केवल एक किसान नेता का अपमान है, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और किसान आंदोलनों के सम्मान पर भी हमला है।
टिकैत जी के किसी ब्यान को लेकर असहमति हो सकती है, लेकिन उसका जवाब हिंसा नहीं हो सकता। पगड़ी किसी की पहचान और गरिमा का प्रतीक होती है। इस तरह की घटनाएं न केवल समाज में नफरत फैलाती हैं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद की जगह टकराव को बढ़ावा देती हैं।
हम इस कृत्य की निंदा करते हैं और अपील करते हैं कि असहमति को लोकतांत्रिक मर्यादा और तौर-तरीकों से ही जताया जाए। पुलिस द्वारा टिकैत जी को सुरक्षित निकालना सराहनीय है, लेकिन सवाल ये है कि ऐसी नौबत आई ही क्यों?


