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सुंजॉय वाधवा ने नए शो मेरी भव्य लाइफ की कास्टिंग के बारे में बताया -
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Wed. Aug 19th, 2026

सुंजॉय वाधवा ने नए शो मेरी भव्य लाइफ की कास्टिंग के बारे में बताया

मुंबई :प्रसिद्ध निर्माता सुंजॉय वाधवा, जो बालिका वधू और सात फेरे जैसे चर्चित शोज़ के लिए जाने जाते हैं, अब अपने नए शो मेरी भाव्या लाइफ के साथ लौटे हैं। इस शो की कास्टिंग को लेकर वे कहते हैं कि यह एक बहुत ही दिलचस्प और कुछ हद तक जादुई अनुभव रहा।

वे बताते हैं, “हमने बहुत से लोगों का ऑडिशन लिया, लेकिन फिर हमें हिमाचल प्रदेश से एक कमाल की लड़की मिली – प्रिशा। वह अपनी तरह की एक पॉडकास्टर और पत्रकार हैं। जब हमने पहली बार उसकी फोटो देखी, फिर उसका ऑडिशन और आखिरकार जब हम उससे मिले, तो हमें तुरंत एहसास हो गया कि यही वह है। उसमें आत्मविश्वास था, सही एनर्जी थी और वह उस किरदार के लिए एकदम परफेक्ट थी, जो समाजिक दबावों के बीच वज़न को लेकर संघर्ष कर रही है।”

मेल लीड को लेकर वे कहते हैं, “हमें एक ऐसा इंसान चाहिए था जो फिटनेस को लेकर गंभीर हो, अनुशासित हो और अपनी दिनचर्या नहीं छोड़ता हो। जब हम करण से मिले, तो समझ गए कि वह बिल्कुल सही चुनाव है। उसमें वो लुक था, वो एनर्जी थी और फिटनेस भी थी – और सबसे ज़रूरी, उसके अंदर वो ‘ऑरा’ था।”

सुनजय मानते हैं कि आज की कहानियों को ज़मीन से जुड़ा होना ज़रूरी है। “सामाजिक मुद्दे ज़रूरी हैं, लेकिन अगर कहानी दमदार ना हो तो उसका संदेश बेअसर हो सकता है। हमारा मानना है कि किसी मुद्दे को कहानी में इस तरह पिरोना चाहिए कि वो लोगों के दिल को छू जाए – चाहे वो खुद उस स्थिति से गुज़र रहे हों या समाज में उसे पहचान रहे हों।”

उनके शोज़ में हमेशा से मजबूत महिला किरदारों का खास स्थान रहा है। वे कहते हैं, “मेरे हिसाब से मजबूत महिला पात्र बहुत ज़रूरी हैं, क्योंकि अक्सर कहानी में प्रवेश वहीं से होता है। महिलाएं ही परिवार को जोड़ने वाली कड़ी होती हैं – चाहे वो पत्नी हों, बेटी हों या बहन। इसलिए महिला दृष्टिकोण को समझना बहुत ज़रूरी हो जाता है।”

वो आगे कहते हैं, “अब सिर्फ एक महिला लीड पर कहानी टिकाना काफी नहीं है। हमें पूरे परिवार को एक यूनिट के रूप में दिखाना चाहिए और उनकी सामूहिक कहानी कहनी चाहिए। हां, फिर भी मजबूत महिला किरदार कहानी को आधार ज़रूर देते हैं। जैसे बालिका वधू, सात फेरे, गंगा जैसे शोज़ में देखा जा सकता है। मेरे अंगने में में हमने तीन अलग-अलग लेयर के ज़रिए फैमिली स्टोरी दिखाई। ज्योति, कथा और सिलसिला जैसे शोज़ में भी यही पैटर्न था। खासकर सिलसिला, जिसमें दो मजबूत महिला पात्रों के बीच एक पुरुष के साथ त्रिकोणीय संबंध और दोनों के दृष्टिकोण को दर्शाया गया था। इसकी गहराई और कहानी की लेयरिंग को काफी सराहना मिली थी।”

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