मुंबई:जीशान सिद्दीकी ने कहा कि मैं कैंपेन में बहुत ज्यादा वक्त नहीं दे पाया। बुरा लग रहा है कि मुझे पिता जी के लिए जीतना था।मेरे पिता जी जहां कहीं भी हैं, जानते हैं कि मैंने इस चुनाव में मेहनत बहुत की है। मैं उनके जाने के बाद जब तक संभल पाया, तब तक चुनाव सिर पर था। पिता की हत्या को बाद एकदम से अकेले पड़े पूर्व विधायक जीशान सिद्दीकी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी पीड़ा को जाहिर किया है। इसमें जीशान सिद्दीकी ने लिखा है कि 12 अक्टूबर को मैंने अपने पिता को खो दिया,विधानसभा चुनावों में महायुति की प्रचंड जीत में घटक दलों के कई अहम कैंडिडेट को हार का सामना भी करना पड़ा है। मुंबई में संजय निरुपम, शाइन एन सी के साथ दिवंगत एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की बेटे जीशान सिद्दीकी भी शामिल हैं। उन्हें मुंबई की हाईप्रोफाइल ब्रांदा ईस्ट (वांद्रे पूर्व) से हार का सामना करना पड़ा है। जीशान सिद्दीकी अपने पिता की हत्या के बाद कांग्रेस छोड़कर एनसीपी में गए थे। चुनावों में जीशान की जीत के लिए अजित पवार ने जोर भी लगाया था लेकिन उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के युवा उम्मीदवार वरुण सरदेसाई ने उन्हें हरा दिया।


