उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों का भाव आपराधिक संहिता और दंड संहिता नहीं है, बल्कि न्याय संहिता है। यह नागरिक सुरक्षा की संहिता है। इसके तहत पहले साक्ष्य जुटाए जाएंगे, उसके बाद अपराधी को कटघरे में खड़ा किया जाएगा। सुशासन की पहली शर्त कानून का राज स्थापित करना होता है। पिछले साढ़े सात वर्षों से प्रदेश में कानून का राज दृढ़ता से स्थापित है। वहीं देश विदेश में प्रदेश के कानून के राज की चर्चा हो रही है।
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेसिक साइंसेज में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुर्दांत अपराधी और माफिया स्वच्छंद होकर पैरेलल सरकारें संचालित करते थे। नौजवानों और नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया। आज प्रदेश दंगा मुक्त, गुंडा मुक्त और माफिया मुक्त है। पहले नौजवानों के सामने पहचान का संकट था। कानून व्यवस्था ध्वस्त थी। गुंडागर्दी चरम पर थी। शरीफ व्यक्ति सड़क पर नहीं आ सकता था।


