डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। चीन से ट्रंप बड़े बेआबरू होकर लौटे हैं। ईरान मुद्दे पर वहां उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। अब वे एक बार फिर ईरान को चेतावनी दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत में गतिरोध बना हुआ है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने यह टिप्पणी इजराइल के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के बाद की। माना जा रहा है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है। डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद नेतन्याहू ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ एक सुरक्षा बैठक भी की। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच जंग रोकने के लिए बातचीत चल रही है। लेकिन ईरान ने जो शर्तें रखी है उसे अमेरिका मानने को तैयार नहीं हैं। खासतौर पर अमेरिका का जोर है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम को बंद कर दे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही को सामान्य करे। ईरान ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवागमन तब फिर से शुरू हो जाएगा, जब अमेरिका और इज़राइल के साथ उसका संघर्ष समाप्त हो जाएगा। लेकिन दोनों पक्ष अपने मतभेदों को सुलझाने या ऐसा करने का कोई रास्ता खोजने के अभी भी करीब नहीं पहुंचे हैं। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के हवाले से कहा, “स्वाभाविक रूप से, एक बार जब मौजूदा असुरक्षा की स्थिति समाप्त हो जाएगी, तो होर्मुज में शिपिंग की स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।


